Wednesday, April 22, 2009

मैं अगर तुझसे.....

मैं अगर तुझसे
दूर भी जाऊंगा
तेरी आँखों से
नमी चुरा ले जाऊंगा
गम को पास आने की
इजाज़त न होगी
खुशी को तेरा
पहरेदार बना जाऊंगा।

4 comments:

अनिल कान्त said...

मोहब्बत है ....बहुत खूबसूरत है

मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

संगीता पुरी said...

बहुत खूब ..

Anonymous said...

achcha likhte ho,,,,,,,

डॉ महेश सिन्हा said...

kaash aisa hamare neta janta se ye kehte :) wo to aankho se kaajal bhi chura lete hain